दिल का आईना बनकर आए तुम, नज़रों से कुछ कहा और मुस्कुराए तुम कम्भक्त दिल की ख़ुदग़रजी ऐसी, समझ कर इश्क़ का इशारा ऐसा फरमान किया बन जाओ तुम ज़िंदगी का सितारा ऐसा... उलझे थे किस्मत के तार जब देखा ख्वाबों की दुनिया से बाहर भूल गया था ख़ुदग़र्ज़ सितारों पे तो थी सबकी नज़र

चंद लम्हो की मुलाकात थी ना तो बरसात थी, ना ही वो रात थी बस चंद लम्हो की मुलाकात थी भीगे भी तो उनकी बातों की बारिश मे ऐसे भीगे जी चाहा सिमट जाए उनकी बाहों मे छोड़ दिया किस्मत पर ऐतबार कर हिम्मत ना थी आगाज़ की ना तो दरख़्वास की, ना ही बरसात... Continue Reading →

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